तो अर्शदीप सिंह कनाडा के नागरिक होते: पापा विदेश भेजने पर तुले थे, मुश्किल से भारत में रुके और अब बन गए टीम इंडिया के स्टार

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दिल्ली15 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर

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पंजाबी मुंडे अर्शदीप सिंह का सपना गुरुवार को पूरा हो गया। उन्हें टीम इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज के शुरुआत मुकाबले से करीब 1 घंटा पहले कप्तान रोहित शर्मा ने टीम कैप थमाई।

23 साल के अर्शदीप लंबे संघर्ष के बाद उस सपने को पूरा कर पाए हैं जिसके लिए उन्होंने एक कभी पिता की बात मानने से भी इनकार कर दिया था। अर्शदीप के पिता उन्हें कनाडा भेजना चाहते थे। लेकिन यह युवा फास्ट बॉलर जिद पकड़ कर बैठ गया। जिद ये कि उसे इंडिया खेलना है। टीम इंडिया की कैप पहननी है। अर्शदीप ने इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले भास्कर के साथ विशेष बातचीत की थी। इसमें उन्होंने अपने अब तक के सफर की पूरी दास्तान सुनाई थी। आप भी पढ़िए…

सवालः पापा आपको विदेश क्यों भेजना चाह रहे थे?
अर्शदीपः अंडर-16 में स्टेट खेलने के बाद मेरा दोबारा सिलेक्शन नहीं हो पा रहा था। अंडर-19 खेलने की योग्यता खत्म होने में एक साल ही बचा गया था। तब पापा ने मुझे कनाडा भेजने का प्लान बना लिया था। लेकिन फिर मैंने और कोच सर ने पापा से कहा कि प्लीज एक साल और दे दीजिए। अगर तब भी सिलेक्ट नहीं नहीं हुआ तो आप क्रिकेट छुड़वा देना। फिर जहां भेजने का दिल करे वहां भेज देना। मेरा चयन स्टेट की टीम में हुआ और फिर मैं अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी इंडिया के लिए खेला।

सवालः आपकी जर्नी में मां की ओर से कितना सपोर्ट मिला?
अर्शदीपः
बहुत ज्यादा। पापा CISF में थे। ऐसे में वह घर से दूर रहते थे। मां मुझे साइकिल पर बिठाकर प्रैक्टिस के लिए ले जाया करती थीं। सुबह उठकर वो पहले सभी के लिए खाना बनातीं। फिर चंडीगढ़ से 13 किलोमीटर दूर मुझे खुद साइकिल चलाकर ले जाती थीं। जब तक मैं प्रैक्टिस करता वो वहीं बैठी रहतीं और शाम में मुझे लेकर वापस जाती थीं। ऐसा भी नहीं कि यह एक-दो दिन की बात हो। लगातार चार साल तक उन्होंने मेरे लिए यह सब किया।

पापा ने पहचानी थी काबिलियत
अर्शदीप ने अपने इंटरव्यू में कहा था- मेरे पापा भी क्रिकेट खेलते हैं। जब भी वह घर पर आते थे। मैं भी उनके साथ क्रिकेट खेलता था। जब उन्होंने मुझे बॉलिंग करते हुए देखा, तो उन्हें लगा कि मुझमें कुछ दम है। उस समय मैं 9 साल था। तब वे मुझे क्रिकेट एकेडमी में लेकर गए। जहां से मेरे क्रिकेट की शुरुआत हुई। बाद में जब मेरा स्टेट टीम में सिलेक्शन नहीं हो पा रहा था तब वे मेरे बेहतर भविष्य के लिए मुझे कनाडा भेजना चाहते थे।

अर्शदीप सिंह अपने परिवार के साथ।

अर्शदीप सिंह अपने परिवार के साथ।

पहले मैच में लिए दो विकेट
अर्शदीप ने टीम इंडिया के लिए अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3.3 ओवर की गेंदबाजी की और 1 मेडन रखते हुए सिर्फ 18 रन दिए और दो विकेट भी झटके। इस मैच में उन्होंने नई गेंद के साथ भी बेहतरीन गेंदबाजी की। IPL में उन्हें सिर्फ डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट के तौर पर देखा जाता था। IPL के 37 मैचों में उन्होंने 40 विकेट हैं। उनका इकोनॉमी रेट 8.35 का रहा है।

पढ़िए अर्शदीप का पूरा इंटरव्यू

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